जोवर !
मैं बता नहीं सकता मेरे अंदर किस तरह की हलचल हो रही है . ख़ुशी और गम साथ -साथ हैं.
ख़ुशी इसलिए की ये "उप्रुम जुमुर " हो रहा है और गम इसलिए की मैं इसका हिस्सा नहीं बन पा रहा होऊं .
अभी मैं Goa में होऊं और अपनी मशरूफीयत के कारन इस पल अपना योगदान नहीं दे पा रहा होऊं .
अपनी तरह के अनोखे इस पहले "उप्रुम जुमुर " में जिसे शायद पहली बार फेसबुक और इंटरनेट के माध्यम से प्रचार -प्रसार कर मनाया जा रहा है .
सभी लोगों को मेरी ओर से हार्धिक अभिनन्दन .