Saturday, 25 February 2012

जोवर !

मैं बता नहीं सकता मेरे अंदर किस तरह की  हलचल हो रही  है . ख़ुशी और गम साथ -साथ हैं. 
ख़ुशी इसलिए की ये "उप्रुम जुमुर " हो रहा  है और गम इसलिए की  मैं  इसका  हिस्सा  नहीं बन पा रहा  होऊं .

अभी मैं Goa में होऊं और अपनी मशरूफीयत के कारन इस पल अपना योगदान नहीं दे पा रहा होऊं .

अपनी तरह के अनोखे   इस पहले  "उप्रुम जुमुर " में  जिसे शायद पहली  बार  फेसबुक और इंटरनेट  के माध्यम से प्रचार -प्रसार कर मनाया जा रहा है .

सभी लोगों को मेरी ओर से हार्धिक अभिनन्दन .

  

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