Saturday, 23 April 2011

जिन्दगी से डर लगता है ,,,,,,,,,

मगर ,  जिन्दगी तो तुम भी हो .........
..................... जिन्दगी   तो हम भी हैं .....................

तू रुसवा है तो लगता है ......मौत क्या हसीन होगी   ?
तू जो साथ है तो,  हर लम्हा जन्नत का सुकून देता है............

मगर  न जाने क्यों ........

   जिन्दगी से डर लगता है ...................

कभी किसी से वादा था मुस्कराने का.......................
........इसलिए हर गम पर मुस्कुराता  हु  ...........

मगर ए दोस्त ,,,,,,, मुस्कुराने की दुआ मत देना ...........
             मुझे पल भर मुस्कारने की सज़ा मालूम  है .......................







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